Lament profile
Creator Profile

Lament

VιѕнαℓKυмαя

1534 Posts
122 Followers
7 Following
L
Lament
Quote by Lament - रिमझिम सिर्फ बारिश आती है
बादल आए उसे क्या कहते हैं
इधर से आए उधर से आए
उसे हवा कहते हैं
जो जैसे आए वैसे ही चला जाये
उसे क्या कहते हैं
ज़माना अलग है ये जमाना नहीं मानता
जो सच में अलग है उसे क्या कहते हैं
सारे गदहे सारे हरे घास खा रहे हैं
जो घोड़ा बन जाए उसे क्या कहते हैं
बातें करें बड़े बड़े, समझदार है
जो चुप रहे उसे क्या कहते हैं
सारे मर्द समाज का झुकाव सिर्फ एक तरफ़
जो सच में अलग है उसे क्या कहते हैं - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - बड़ी सी बेचैनी है खुद के अंदर,
सब कुछ तो है मेरे अंदर।
एक अजीब सी चाहत होती है,
बस रात को नींद नहीं आती है।
शायद मैं खुद को भूल चुका हूँ,
या किसी अपने को छोड़ चुका हूँ।
वो मुझे भले ही बुरा समझे,
मुझे याद हैं मेरी हर एक कसमें।
रोका है खुद को…
खुद ही से,
ये जंग किसी और से नहीं—
ये जंग है खुद से। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - तुम मानो, तुम समझो…
ये मैं नहीं चाहता।
तुम जाओ या रुको,
ये भी मैं नहीं चाहता।
नर्मी समझो या कठोर,
जो समझना है समझ लो।
असल में…
मैं खुद ही नहीं जानता,
मैं हूँ क्या चाहता । - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - कहीं हम खो गए कही मेरा शख्सियत
कहीं मेरा शहर खो गया कही मेरा अमानत
कहीं मैं मिला भी तो थोड़ा अगल था नियत
गुम हुए मुझे जमाना हो गया ये जमाना मानता है
मैं अब भी वही हु वैसे ही हु यही है असलियत - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - हम खुशियाँ वहीं छोड़ आए,
जब दर्द सीने को पार कर रहा था।
हम खुद को भी
वहीं छोड़ चले आए।
यहाँ अब कोई मुझे पहचानता नहीं,
मसला सिर्फ़ इतना है—
हम अपना चेहरा…
वहीं छोड़ आए। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - चार दिन मांग कर लाए थे,
दो दिन आरजू में कट गए,
दो दिन इंतजार में,  - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं एक किनारे पर बैठा था,
जहाँ हर एक चीज़ शांत थी।
मुझे लगा—
ये ख़ामोशी आखिर किसके लिए है?
मैं खुद से बाहर निकला,
और देखा…
ये हवा, ये पेड़, ये साये,
सब जैसे एक शख़्स का साथ दे रहे थे।
मुझे हैरानी हुई—
इन्हें कैसे पता चल जाता है
कि मैं दर्द में हूँ।
इन्हें कैसे पता चल जाता है
कि वही शख़्स मैं हूँ।
मुझे भूल क्यों नहीं जाते ये,
मुझे यूँ छोड़ क्यों नहीं देते।
आख़िर इन्हें सब कैसे पता चल जाता है—
मैं मुस्कुरा रहा हूँ…
या अंदर से टूट रहा हूँ। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - एक अलग सी बेचैनी है,
मैंने दिल से पूछा—
अब किससे मिलना है?
कहा—मुझे जाना है,
अब किसी से नहीं मिलना है।
मैंने पूछा—
तुझे वो अलग वाला एहसास नहीं चाहिए?
कहा—अब नहीं,
ये दिल दुबारा नहीं टूटना चाहिए।
अब लगता है…
ये दिल रहा ही नहीं,
ये तो दिमाग बन गया है।
शायद अब इसे समझ आया है—
इस ज़माने में हर चीज़ की क़ीमत लगता है,
और प्यार…
बस एक ख़्वाब सा लगता है। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - अब कोई कितना भी ख़ास क्यों न आए,
चाहे वो मेरे लिए ही बना हो,
मैं वो वादे दोबारा नहीं दोहरा सकता,
जो कभी पूरे यक़ीन से किए थे…
और पल भर में टूटते देखे थे।
कोई कितना भी भरोसा दिलाए,
कितनी भी सच्चाई दिखाए,
शायद अब मुझसे ये सब होगा नहीं,
मुझे अब किसी के करीब जाने से डर लगता है।
ये डर उससे नहीं…
ये डर खुद को फिर खो देने का है,
दोबारा वही नाटक, वही टूटना,
अब मुझसे नहीं होगा।
मैंने अब खुद को चुन लिया है,
और पहली बार…
किसी के जाने से नहीं,
खुद के मिलने से पूरा हुआ हूँ। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं किसी मंज़िल को पाने निकला था,
रास्ते तय थे, इरादे साफ़ थे,
फिर कोई ऐसा मिला…
जिसके आगे मंज़िल की चाह भी फीकी पड़ गई।
मैं चलता रहा उसके साथ,
और धीरे-धीरे
मैं ही मुझसे बिखरता गया।
अब रातों में खुद को याद करता हूँ,
पुराने किस्सों से खुद को बहलाता हूँ,
किसी तरह नींद को मनाता हूँ…
बस इस उम्मीद में—
शायद एक दिन,
वो शख़्स नहीं…
वो पुराना मैं
फिर से मेरे अंदर से निकल आए। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
Discover

Explore Categories

Jump into curated quote collections for every mood, moment, and celebration.

L
Lament
Quote by Lament - पहले भी अकेला था,
अकेले रहने का हुनर भी आता था,
फिर कोई आया…
और जाते-जाते
मुझे मुझसे ज़्यादा अकेला कर गया।
पहले आँखें बंद करता था,
तो उसका चेहरा सामने आ जाता था,
अब आँखें बंद करता हूँ…
तो बस एक खालीपन आता है।
अजीब है,
याद है कि कोई था,
याद है कि उसने बेचैन किया था,
बस उसका चेहरा…
अब याद नहीं आता।
कई रातों से कोशिश करता हूँ,
उसे फिर से याद करने की,
पर अब चेहरा नहीं आता…
सिर्फ़ एहसास आता है,
कि कोई था…
जो मुझे और भी अकेला कर गया। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - एक बात बताऊँ
प्यार एक सौदा है कैसे समझाऊं
कैसे समझाऊं कि प्यार एक भूख है
माहौल का माँग है प्यार कैसे समझाऊं
कैसे समझाऊं अब प्यार दिखावा है
अब क़ीमत लगती है प्यार की कैसे समझाऊं
कैसे समझाऊं प्यार भूखा जिस्म का बाजार है
प्यार अब एकमात्र दिखावा है कैसे समझाऊं - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं अपने बर्बाद होने का इकलौता गवाह हूं
किसी भी कीमत पर उसको नहीं गुनाहगार बनाने वाला हु
ख़ुद ही गया था मैं उस पेड़ की छांव में
 जहाँ पहले से ही कई पंक्षियों का बसेरा था
मैं उससे भी आगे बढ़ने की कोशिश किया था
मेरे लिए उसके आगे अंधेरा ही अंधेरा था - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मुझे अब नींद बहुत कम आती है
एक शख़्स को याद करने की कोशिश में आधी रात गुज़र जाती है - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - आइए थोड़ा मुस्कुराइये
जिस्म से दिल टुटा है मत घबराइये
बाजारों में जिस्म मिल जाते हैं अब मुस्कुराइए

 - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - थक गया हूँ शायद,
ये शहर अब पुराना लगने लगा है,
ऊब गया हूँ शायद,
मुझे हँसे हुए तो ज़माना हो गया है। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं हारा हूँ… या सिर्फ़ थका हूँ,
मैं रुका हूँ… या वक़्त का इंतज़ार कर रहा हूँ।
मैं करना चाहता हूँ…
या हर बात को वक़्त पर टाल रहा हूँ।
मैं अकेला कैसे हूँ,
मैं तो तन्हाई के साथ हूँ।
मैं लड़ रहा हूँ खुद से,
या खुद को ही टाल रहा हूँ।
जब लिख दिया सब कुछ,
तो फिर इतना सोच क्यों रहा हूँ।
मैं क्या चाहता हूँ…
मुझे खुद पता नहीं,
अजीब है—
मैं अब भी लोगों के बारे में सोच रहा हूँ। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - जब तुम्हें ज़िंदगी का तजुर्बा हो जाएगा,
तब हर वो चीज़ बचकानी लगेगी,
जो कभी पूरे यक़ीन से की थी। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - नए नज़र को नए जगह पसंद है
घूमे कई शहर मगर हमें तो अपना गांव पसंद है - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं अब नहीं समझता हूं 
कहीं दूर से आने वाले इशारों को 
यहां मैं रोज अकेला बैठता हूं 
सोचता हूं पुराने ख्यालात को - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
Discover

Explore Categories

Jump into curated quote collections for every mood, moment, and celebration.

L
Lament
Quote by Lament - ये नर्मी ले डूबी है मुझे
मैं अब और भी नर्मी से पेश आता हु - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मन उदास मत कर
हकीक़त में तो दिल उदास है - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - ज़रा मतलबी बना खुद को,
हर किसी पर दिल लुटाना ठीक नहीं,
ये नर्म लहज़ा अच्छा है…
पर हर ज़ख्म पर मरहम होना ज़रूरी नहीं। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - फ़रिश्ते आये थे मुझे लेने
मैं झूठ बोल दिया की जीना सीख गया हूं - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - उजालें रातों में खो जाना अपने ही बातों में
छोड़ दो जिम्मेदारी वो मंजिल, थोड़ी देर खो जाओ ख्वाबों में
चांद के तरफ़ देखो कितना चमक है आधे ही हिस्से में
कुछ पूछ लो बुला लो अपने पास, बहुत मज़ा आता है उससे बातें करने में
कुछ ज़्यादा ही चमकता है कुछ ज्यादा ही शरारती है ज़रा पकड़कर बैठाओ अपने पास में
सच्चाई क्या है तुम्हारी आधे हो इतना चमकीले कैसे हो कभी इधर से आते हो कभी उधर से आते हो
सच बता दो तुम क्या चाहते हो क्या मुझे भी साथ रख सकते हो
क्या तुम अपने चमकने का रास मुझे भी बता सकते हो
इतने दर्द का दाग है तुमपे फिर भी हंसते हो
वो हंसने का रास मुझे भी बता सकते हो
क्या तुम मेरा दोस्त बन सकते हो
क्या तुम मेरा हमदर्द बन सकते हो - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मुझे सारे पल याद हैं
बस मैं खुद को याद नहीं हु - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं अब जिद नहीं करता
तू लड़का है रोया नहीं करता
कई राहों पर चलने पे वहीं बेवफ़ा मुझे मिलनी थी 
मैं तो लड़का हूं रो नहीं सकता
कई जमाने से उसे भुलाने की कोशिश कर रहा हूं
मैं तो लड़का हूं जिम्मेदारी को छोड़, मर नहीं सकता
इतना भी नर्मी लहजा लेकर भला मैं क्या पाऊंगा
मैं तो मर्द हूं ,मर्द का लहजा नर्म नहीं होता
मेरा बस चले तो मैं चला जाऊं या वही रुक जाऊं
क्या है कि मैं मर्द हूं,…और मर्द, दर्दों से भगा नहीं करता - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - बस अब हो गया, …मैं अब सो गया
वो उजाले आए थे मुझे बहलाने, मैं किसी बहाने से सो गया
मुझे अंधेरो से लगाव हो गया है, मैं ख़्वाबों में कहीं खो गया
कोई अब मुझे बुला नहीं सकता, मैं अब अंधेरो का हो गया
बड़ा ही आराम है इनमें, ख्वाबों से निकला तो सपनों में खो गया
लौट जा ऐ राही ये रास्ता मेरा है, मैं अब पूरा हो गया
हंसता हु बातें भी करता हूं ख्वाबों का मुसाफिर हूं, वो जो था वो कही खो गया…खो गया…सो गया  - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - कई अरसों से सोया नहीं हु मैं, आए सुला जाए कोई
मैं मान गया हूं मैं तनहा ही रहूंगा, ये दिल है जिसे रोज़ लगता है आ रहा हो कोई
मैं थक गया हूं अपने ही आप से, हवाओं को मेरे तरफ़ मोड़ दे कोई
फूलों दी वादियों में परियों की बसेरा है, उन बगीचों की रास्ता बता दे कोई
खुशहाल पक्षियों की चहचहाट फलों की गुच्छे, उन पेड़ों की रास्ता बता दें कोई
मैं मुसाफिर हूं मंजिल कही खो गई, उन पेड़ों की छांव का रास्ता बता दे कोई
मैं आराम करना चाहता हूं मैं सबसे दूर जाना चाहता हूं, ख़ास उन वादियों में ले जाए कोई
बस लालच और लालसा है यहां, मुझे भी मतलबी रहना बना दे कोई
मैं भी हंसना चाहता हूं, मेरा भी दिल पत्थर का बना दे कोई
वो है ही नहीं इस संसार में, वो सच में है कहा बस बता दे कोई
मैं पूछूंगा मैं ही क्यों, नहीं उम्मीद रखा न ही लालच फिर इतना कैसे बैचेन रहता है कोई
मैं पूछूंगा मेरा दिल तो साफ था, फ़िर इतना दर्द कैसे दे सकता है कोई
की ये सब माया है चारों तरफ़ तुम्हारा ही छाया है, तो फ़िर उस उजाले का रास्ता बता दे कोई - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - लिखूं तो मैं खुद को देखता ही नहीं
बैठू अकेले, किसी और को सोचता ही नहीं
गलती भले किसी और की हो, मैं उसका मानता ही नहीं
छोड़ दो मुझे एक किनारे पर, बीच राह में मुझे कुछ दिखता ही नहीं
कोई होगा जो छोड़ने आएगा, फ़िर भी मैं बीच राहों में रुका नहीं
उम्मीद अब टूट गई है खुदसे, मैं किसी से करता भी नहीं
नए दुनिया दिखाने आता है अब कोई, मैं घर से बाहर निकलता ही नहीं - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
Discover

Explore Categories

Jump into curated quote collections for every mood, moment, and celebration.

L
Lament
Quote by Lament - खुशियों का दिन था,
एक दूर बैठा शख़्स था,
उलझनों में डूबा हुआ,
कलम से बहता स्याही सा था।
कुछ लिख रहा था,
शायद खुद को ही समझ रहा था,
मैं जैसे ही जाकर बैठा उसके पास,
ख़ामोशियाँ आ गईं मेरे भी पास।
मैंने बात करने की कोशिश की,
वो अपने आप में मगन था,
मैंने खुशियों की तरफ़ इशारा किया,
वो फिर भी कहीं गुम था।
अपने आप में कही गुम था  
जब झकझोरा गहरी नींद में खुदको,
 तो वो कोई और नहीं… मैं खुद था। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - सुना है खुशियों की महफ़िलों में हो तुम… खुश हो न तुम,
वफ़ाओं की बातें करते हो अब… ठीक तो हो न तुम।
जो बीत गया उसे भूलने की बात कर रहे हो तुम,
सच बताओ… वाक़ई ठीक हो न तुम।
जो इंतज़ार कर रहा है अब, उसके बारे में बताओ ज़रा तुम,
क्या सच में उसे भूल पाए हो तुम,
मैं तो बर्बाद हो गया यहाँ,
वहाँ… आबाद हो न तुम। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - जो बीत गया वो बीत गया,
वो निकल गया… मैं वही रह गया। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - वो उम्र ढल तो गई मेरी, अब मैं पुराना हूँ,
नए ज़माने में कैसे जीना—बताए कोई, मैं तो पुराना हूँ। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - आज ज़रा बैठ जाता हूँ खुद के पास,
पता नहीं… मैं तन्हा कब से हूँ। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - कुछ पता नहीं चला मुझे—मैं था कहाँ,
होश जैसे ही आया… मैं चल पड़ा कहाँ,
उसने मुझे ऐसा तोड़ा, कुछ दिखा ही नहीं,
जो भी रास्ते मिले… मैं चल पड़ा वहाँ।
कई ज़माने लगे मुझे होश में आने में,
इश्क़ बड़ा बेरहम है इस ज़माने में,
उसको अपना साथी माना था,
मंज़िल का हमसफ़र जाना था।
वो गया… मैं बिखर गया,
वो मुझे भूला… मैं खुद को भूल गया,
अब पूछता हूँ खुद से—
मैं था कहाँ… और आ गया कहाँ। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament -  वो शहर नहीं है जहां मैं आना चाहता था   
यहां शोर ही शोर है, मैं बस थोड़ा शांत बैठना चाहता था 
तन्हाइयों में बैठकर थोड़ा रोना चाहता था   
मंजिल के सफर में थोड़ी ही दूर जाने पर, 
ये वो सफ़र नहीं है, कोई बताने वाला चाहिए था   
भटकूं कही अगर तो कोई राह दिखाने वाला चाहिए था   
ये वो शहर नहीं जहां मैं आना चाहता था   
इश्क़ तो मैं कर ही नहीं पाया, 
गद्दारी हमारी नस्लो ने सिखाया ही नहीं था   
अब ये सब बाते छोड़ो मुझे हल्की लगती हैं,
 ख़ुद ही बढ़े थे मंजिल की तरफ़, 
कैसे जाना है कोई बताया नहीं था   
खुशियां ढूंढो तो शायद मिल जाए किसी गली में,
 मैं जानबूझकर नहीं ढूंढा था   
ये वो शहर नहीं जहां मैं आना चाहता था 
जहां थक जाने पर थोड़ी देर रुकना चाहता था 
ये वो शहर नहीं जहां मैं आना चाहता था  - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं बड़ा ही समझदार हूँ, अब कोई कमी नहीं मुझमें,
कोई होशियार बने—बनने देता हूँ, खेलने देता हूँ,
क्योंकि अब उलझने का मन नहीं मुझमें।
इतना तोड़ लिया है खुद को,कि हर ज़ख़्म पहचानता हूँ,
हर दर्द से उभरने का हुनर,अब भरा पड़ा है मुझमें। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - इतना समझदार भला कौन हो सकता है
मरने के बाद भी अपना कब्र कौन खोद सकता है
मैं इतने बार मर चुका हु 
रोज सुबह उठता हूं 
फ़िर चल देता हूं - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - ये बड़ा खूबसूरत दुनिया है
मैंने अब खुदको बस में कर लिया है - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
Discover

Explore Categories

Jump into curated quote collections for every mood, moment, and celebration.

L
Lament
Quote by Lament - मैं उतना मतलबी नहीं हूं की रास्तों में किसी को छोड़ दूं
हा लेकिन साथ भी नहीं रहूंगा चलो तुम्हें समझाकर घर पहुंचा दूं - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मुझे अब जलन तक नहीं होती,
मुझे अब पछतावा भी नहीं होता,
कोई आए, कोई जाए—
मैं बस देखता रहता हूँ।
वो भी सब हासिल करके
आख़िर साँस ही लेगा,
मैं भी खाली हाथ सही,
पर साँस तो ले ही रहा हूँ।
वो हवाओं से ऑक्सीजन लेगा,
मैं भी उसी हवा में जी रहा हूँ,
फर्क़ बस इतना है—
वो भाग रहा है,
और मैं ठहर कर देख रहा हूँ। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - वो गया कहां एक अजनबी परिंदा
जो मुझे इतना समझदार बना गया
सब मुझे फर्जी दिख रहे हैं
भला मैं पहले ही बेहतर था 
बनकर एक अनजान परिंदा - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं बेकार खड़ा हु बर्बाद पड़ा हूं
हर कोई मुझे समझने कोशिश नहीं कर रहा
मैं भी उनके ही मुताबिक ढलता जा रहा हूं - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं कर क्या रहा हूं रातों के सवालों में खुद से पूछता हूं
सुबह होती है निकल जाता हूं अपने से बाहर 
भला मैं रात में किससे सवाल पूछता हूं - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - वो आवाज लगा रहा एक बार और मुझसे मोहब्बत कर लो
ये वही बात हो गई कि
प्यार में जिस जिस्म का क़ीमत लगती है उससे मोहब्बत कर लो - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - चलता रहा… मंज़िल खो गई,
वफ़ा थी… पैसों में बिक गई। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - घूमते घूमते ये मैं कहां आ गया
वो मुझे बीच राहों में अकेला छोड़ कहां निकल गया 
वफ़ा मुझे सिखाने वाले का 
वफ़ा पैसों पे कैसे बिक गया - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मेरी ख़ामोशी मेरी है,
किसी की दी हुई नहीं,
मैं चुप हूँ…
क्योंकि मैं खुद को सुन रहा हूँ। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
L
Lament
Quote by Lament - मैं गुम नहीं हुआ हूँ कि कोई मुझे ढूँढे,
तो फिर ये मेरे ही घर में
कौन मुझे ढूँढता फिर रहा है। - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
Discover

Explore Categories

Jump into curated quote collections for every mood, moment, and celebration.